हांगकांग में होने वाले चुनाव सुधारों का लैम ने किया समर्थन, विरोध की आवाज दबाने के लिए चीन की तैयारी


हांगकांग। हांगकांग में मुख्य कार्यकारी कैरी लैम ने उन चुनाव सुधारों का समर्थन किया है जिनके चलते अर्ध स्वायत्त क्षेत्र में विरोध की आवाज का महत्व नहीं रहेगा। साथ ही हांगकांग पर चीन का नियंत्रण और ज्यादा बढ़ जाएगा। लैम हांगकांग की सत्ता में चीन की सबसे बड़ी अधिकारी हैं।

लैम का बयान उस दस्तावेज पर दस्तखत के एक दिन बाद आया है जिसमें राष्ट्रभक्ति को सर्वोपरि बताते हुए विरोधी बातों को अब और दिनों तक बर्दाश्त न किए जाने की बात कही गई है। इस दस्तावेज के प्रावधानों के लागू होने के बाद केवल चीन की पसंद वाले लोग ही चुनाव लड़कर हांगकांग की विधानसभा में पहुंच पाएंगे। इस दस्तावेज पर चीन के अधिकारियों ने बीजिंग में अंतिम रूप दिया है।

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चीन ने लिखित आश्वासन के बाद हांगकांग के स्वरूप में किया बदलाव
चीन ने ऐसा 50 साल तक हांगकांग के स्वरूप में कोई बदलाव न करने के लिखित आश्वासन के बाद किया है। ब्रिटिश उपनिवेश रहा हांगकांग 1997 में चीन को हस्तांतरित किया गया था। पश्चिमी देशों ने चुनाव सुधार के नाम पर लागू होने वाले इस दस्तावेज की यह कहकर आलोचना की है कि चीन अब ब्रिटेन के साथ हुए हस्तांतरण समझौते से पीछे हट रहा है।

लैम ने कहा है कि 2019 के सरकार विरोधी प्रदर्शनों और उससे पहले 2014 के प्रदर्शनों से साबित हो गया है कि हांगकांग के कुछ लोगों को चीन का शासन पसंद नहीं है जबकि चीन को हांगकांग की बहुत ज्यादा चिंता है। वह हांगकांग की स्थिति को और नहीं बिगड़ने देना चाहता।

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