Covishield vaccine of Serum Institute will come to Chhattisgarh, first cargo will attain by 13th…


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रायपुर2 दिन पहले

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। पहले चरण का 60 से 70 प्रतिशत वैक्सीनेशन पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री एक बार फिर ऐसी बैठक करेंगे।

  • प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने दी जानकारी
  • 16 जनवरी से शुरू होना है वैक्सीनेशन, पहले दिन 99 बूथों पर टीका

कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए वैक्सीनेशन शुरू होने का इंतजार लगभग खत्म हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, छत्तीसगढ़ में ऑक्सफोर्ड में विकसित सीरम इंस्टीस्च्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन ही आएगी।

टीएस सिंहदेव ने संभावना जताई कि 13 जनवरी तक वैक्सीन की पहली खेप रायपुर पहुंच जाएगी। उसमें वैक्सीन की कितनी डोज होगी यह अभी स्पष्ट नहीं है। पहले चरण का वैक्सीनेशन 16 जनवरी से शुरू हो रहा है। पहले चरण में छत्तीसगढ़ के 2 लाख 67 हजार स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कोरोना का टीका लगाया जाना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, पहले चरण में वैक्सीनेशन के लिए प्रदेश भर में 1349 बूथ बनाए गए हैं। पहले दिन 99 बूथों पर टीकाकरण शुरू होगा। एक बूथ पर प्रतिदिन 100 लोगों को वैक्सीन देने की योजना है।

टीएस सिंहदेव ने बताया, प्रधानमंत्री ने बताया है कि देश भर में 30 करोड़ लोगों को टीका देने का कार्यक्रम बना है। इनमें से पहले चरण के three करोड़ लोगों के वैक्सीनेशन का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। केंद्र सरकार ने आज ही सीरम इंस्टीस्च्यूट से 200 रुपए प्रति डोज की दर से एक करोड़ 10 लाख वैक्सीन की आपूर्ति का अनुबंध किया है। जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ेगा, वैक्सीन उपलब्ध होती रहेगी।

प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई चर्चा में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और कैबिनेट सचिव ने वैक्सीनेशन की योजना को लेकर एक प्रजेंटेशन दिया। सिंहदेव ने बताया, बैठक में राज्यों से चर्चा नहीं हुई। प्रजेंटेशन के बाद प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। इस वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कार्यवाहक मुख्य सचिव सुब्रत साहू और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए थे।

पूरी तरह स्वैच्छिक होगा टीकाकरण

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, पहले चरण में पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों को ही यह टीका लगाया जाना है। यह अनिवार्य नहीं बल्कि पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। अगर कोई पंजीकृत व्यक्ति टीका नहीं लगवाना चाहता तो उसपर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। हालांकि सभी को टीका लगवाना चाहिए। इससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी। वैक्सीन वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद पूरी तरह सुरक्षित हैं। हां वे कितने प्रभावी होंगे यह भविष्य के गर्भ में है।

एयर कार्गो से पहुंचेगी वैक्सीन

बताया जा रहा है वैक्सीन की खेप एयर कार्गो से रायपुर पहुंचेगी। यहां उसका भंडारण होगा। उसके बाद रेफ्रीजरेटर लगे विशेष वैक्सीन वाहनों से इसे विभिन्न जिलों में बनाए गए केंद्रों में पहुंचा दिया जाएगा। वैक्सीनेशन के दिन इसे कोल्ड बॉक्स में रखकर बूथों में पहुंचाना है।

दूसरे चरण में 50 वर्ष से ऊपर के लोगों को वैक्सीन

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, केंद्र सरकार की योजना है कि पहला चरण खत्म होने के बाद 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जनप्रतिनिधियों को भी उसी चरण में वैक्सीन लेनी चाहिए।

पहले चरण में लेने से लोग कहने लगेंगे कि पद का दुरुपयोग कर खुद को सुरक्षित कर लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लग जाने के बाद 50 वर्ष से कम ऐसे लोगों पर फोकस होगा जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।

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