Paush Amavasya 2021-Paush Amavasya Is An Alternative To Get Rid Of Pitra Dosha, Know Shubh Muhurt An…


Paush Amavasya 2021: पौष मास के कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि को पौष अमावस्या कहा जाता है. इस साल की पौष अमावस्या सूर्य के उत्तरायण होने से ठीक एक दिन पहले पड़ रही है. चूंकि पौष मास को आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है इसलिए पौष मास में पड़ने के कारण इस अमावस्या का महत्व और अधिक बढ़ गया है. यह पौष अमावस्या सर्वसिद्धिदायक, सफलतादायक और पितरों को शांति करने वाली है. आइए जानते हैं पौष अमावस्या के शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि और इससे होने वाले लाभ के बारे में.

पौष अमावस्या का यह है शुभ मुहूर्त:

  • पौष अमावस्या तिथि की शुरुआत- 12 जनवरी 2021, दिन मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से .
  • पौष अमावस्या तिथि की समाप्ति- 13 जनवरी 2021, दिन बुधवार को सुबह 10 बजकर 29 मिनट पर.

पौष अमावस्या की पूजाविधि:

  1. पौष अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी या तालाब स्नान में करना चाहिए.
  2. स्नान करने के बाद सबसे पहले सूर्य देवता को तांबे के पात्र में शुद्ध जल लेकर तथा उसमें लाल चंदन और लाल ही रंग के फूल को डालकर अर्ध्य देना चाहिए.
  3. सूर्य देवता को अर्ध्य देने के बाद पितरों का तर्पण करना चाहिए.
  4. ऐसे लोग जो पितृ दोष से पीड़ित हैं उन्हें अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पौष अमावस्या का व्रत रखना चाहिए और पितरों का तर्पण करना चाहिए.
  5. पौष अमावस्या के दिन व्रत रखकर गरीबों को भोजन कराने से शीघ्र भाग्योदय होता है.

पौष अमावस्या की पूजा करने से होने वाले लाभ:

  1. पौष अमावस्या पर पितृ दोष की शांति कराने से भाग्योदय में आने वाली रूकावट दूर हो जाती है और भाग्योदय शीघ्र होता है.
  2. पितृ दोष के दूर होने से संतान की उत्पत्ति में आने वाली बाधा भी दूर हो जाती है.
  3. पितृ दोष दूर होने से व्यवसाय और नौकरी में आने वाली बाधा भी दूर हो जाती है.

.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *